हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शहीद नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनेई (र) के जनाज़े और दफ़न के संबंध में विशेष समिति की ओर से दूसरा आधिकारिक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह जनाज़ा कार्यक्रम आशूरा के बाद आयोजित किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि शहीद नेता-ए-इंक़िलाब और उनके परिवार के शहीदों के जनाज़े और दफ़न के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियाँ जारी हैं। इस संबंध में देशी और विदेशी मीडिया तथा सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के समय और अन्य विवरणों को लेकर जो अटकलें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार और अविश्वसनीय हैं।
बयान के अनुसार, शहीद नेता-ए-इंक़िलाब की जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए, जो हमेशा इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी के पुनरुद्धार और प्रसार पर बल देते थे, तथा मुहर्रम के शुरुआती दिनों में ईरान सहित पूरी दुनिया में आयोजित होने वाली मजलिसों की महत्ता को देखते हुए, विदाई समारोह, जनाज़ा और दफ़न आशूरा के बाद आयोजित किए जाएँगे।
बयान में आगे कहा गया है कि शोक मनाने वाली जनता को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के लिए संबंधित संस्थाओं और सार्वजनिक संगठनों के बीच अंतिम समन्वय और व्यवस्थाओं के बाद समारोह की पूरी जानकारी उचित समय पर आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी।
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